शिक्षाविद बिसौहा राम जगबेड़हा के अमृत महोत्सव के अवसर पर कवियों की कृति का हुआ विमोचन
-आजू राम साहू एवं शिक्षाविद बिसौहा राम जगबेड़हा के अमृत महोत्सव के अवसर पर कवियों की कृति का हुआ विमोचन
-गांव से मिली सहृदयता और प्रेम से वह स्वयं को समृद्ध करते है – डुमन लाल ध्रुव
धमतरी(सशक्त हस्ताक्षर)। ग्राम मुजगहन, धमतरी के प्रतिष्ठित नागरिक आजू राम साहू एवं सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक खरतुली निवासी बिसौहा राम जगबेड़हा के 75 वें जन्मदिन के अवसर पर प्रेरणा साहित्य समिति जिला बालोद के कवियों ने पारिवारिक माहौल में कविता पाठ कर धूमधाम से उत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर आजू राम साहू की जीवन संगिनी श्रीमती हेमीन बाई साहू ने पुष्प माला पहनाकर उज्जवल भविष्य की कामना की। अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आजू राम साहू एवं बिसौहा राम जगबेड़हा के जीवन संदर्भ को रेखांकित करते हुए धमतरी जिला हिन्दी साहित्य समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डुमन लाल ध्रुव ने बताया कि हमारे दोनों अभिनंदनीय व्यक्ति ग्राम समाज, नागरिक समाज और राजनीतिक समाज को अलग अलग सारणियों में देखें हैं।
सामाजिक व शिक्षा स्तर पर मानवीय और सुंदर अभिव्यक्ति के साथ दिशा निर्धारित किया गया है वह अतुलनीय है। दोनों अपने अपने क्षेत्र के विख्यात व्यक्तित्व हैं। आमजन को लेकर गहरी संवेदना है। गांव में पारिवारिक माहौल में रहने का अलग आनंद है। गांव से मिली सहृदयता और प्रेम से वह स्वयं को समृद्ध करते हैं। आज भले ही वैश्विकरण के दौर में जीवन जीने के लिए नई नई चुनौतियों से जूझना पड़ता है। इस अवसर को हासिल यादगार बताते हुए उन्होंने आगे यह भी कहा कि 75 वर्ष दोनों अभिनंदनीय के लिए जितना प्रासंगिक है उतना ही नये पीढ़ी के लिए प्रासंगिक होगा।यह उत्सव जीवन अनुभवों को नये शिल्प से जोड़कर संवेदनात्मकता को विस्तार देती है साथ ही विवेकपरकता के महत्व को स्थापित करती है।
जन्मदिन के बहाने 50 वर्ष के बाद पहली मुलाकात करने वाले अभिन्न मित्र बालोदगहन निवासी भगवान दास मुरचुलिया ने कहा कि आजू राम साहू का स्वभाव विद्यार्थी जीवन से ही लालित्य और कलात्मक संयोजन के व्यक्तित्व हैं।यही कारण है कि उनकी कलात्मक संवेदना का गहरा प्रभाव व्यंजित होता है। उनके भीतर का कलाकार अनेकों दृश्यों के साथ समायोजन नाटकीय भंगिमा के साथ उपस्थित होता है।
वे एक ही दृश्य में अनेक तरह की भाव व्यंजना को प्रस्तुत करते हैं। बिसौहा राम जगबेड़हा मानस मर्मज्ञ राष्ट्रपति पुरुस्कृत शिक्षक दाउद खां रामायणी, श्री जनक प्रसाद तिवारी जैसे श्रेष्ठ गुरु के कारण जन समुदाय से जुड़ाव और अपनी अनुभव संपदा को विशालता के साथ प्रस्तुत करते हैं।इस चेतना ने उन्हें सामान्य मनुष्य से जोड़े रखा।यही कारण है कि श्री जगबेड़हा जी का शिक्षकीय जीवन परिपूर्णता से भरा हुआ है। इस मौके पर कवयित्री श्रीमती कामिनी रविन्द्र कौशिक ने अभिनंदन पत्र का वाचन करते हुए कहा कि सहज, सरल, सौम्य व्यक्तित्व, अखुट भाग्य भंडार, जन्मदिवस का शुभ दिन आया बधाई हजारों हजार। पिता चतुर राम,माता श्रीमती महाबती के वात्सल्य पूर्ण गोद मिला,भाई-बहन से स्नेह अपार,संघर्षों में पायी सफलता सहयोग के भुजा हजार परिजनों प्रियजनों के प्रेम से जीवन हुआ गुलजार जन्म दिवस का शुभ दिन ।
तत्पश्चात आमंत्रित कवियों ने काव्यपाठ किया। सर्वप्रथम शिवकुमार अंगारे ने सुरूज देंवता ल करके पयलागी, माटी के परथंव पांव रे। हित-मीत के बिरवा लगइया छत्तीसगढ़िया तांव रे। श्री पुषण कुमार साहू फागुन आगे रे संगी, रूखराई हरियागे मंऊरे आमा, फूले परसा, टेसू घलो ललियागे। मात गे हे रे मोर मन, तोर मया पाके राजा मात गे हे। पुष्कर सिंह राज रामायन ल समझगे वोहा इंसान हे अऊ जेला समझ नि आइस वोखर बर भगवान हे। श्री कन्हैया लाल बारले अवो टुरी अड़ही अवो टुरी अड़ही ते रांध लेना कड़ही। अमसुरहा खाई लेबो ना… अपन जिनगी पहाई लेबो ना। श्री जयकांत पटेल जनम जनम जेकर पुर हे करम ओकरे घर होथे बेटी के जनम। डॉ. सुंदर लाल गंधर्व मनखे मनखे आज रवइया बदल गेहे, लइका सियान अउ जहुंरिया बदलगे हे वेद पुरान गीता रामायन सबकुछ बताइस धरम करम के बारे में सबकुछ सिखाइस पोथी पुरान जइसने के तइसने अब पढ़इया बदलगे जैसी काव्य पंक्तियों के माध्यम से पाठ किया गया।
”प्रेरणा साहित्य समिति ”बालोद के कविगण एवं डुमन लाल ध्रुव, श्रीमती कविता ध्रव ने आजू राम साहू, शिक्षाविद् बिसौहा राम जगबेड़हा का शाल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ, अभिनंदन पत्र, स्मृति चिन्ह एवं पर्रा भर लाई भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर जयकांत पटेल की सद्य प्रकाशित संग्रह बेटी के जनम, कन्हैयालाल बारले की कहानी संग्रह दू गज जमीन, पुष्कर सिंह राज की कृति ये मेरा हिन्दुस्तान, रावन कइसे मरही, डॉ. सुन्दर लाल गंधर्व की प्रकाशित कृति मुड़ के नाव कपार, गंगा मैय्या भजन का विमोचन किया गया साथ ही केक काटकर खुशियों को द्विवीगुणित किया गया।यह ऐतिहासिक पल था जिसमें पूरा परिवार साक्षी बनकर सुदीर्घायु जीवन एवं उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।
75 वें जन्मदिन समारोह में मुख्य रूप से ग्राम पंचायत सरपंच होमेश्वर साहू, परस राम ध्रुव, अघनू राम गजपाल, खम्हन लाल साहू, भुवन लाल साहू, नीलकंठ साहू, लक्ष्मीनारायण साहू, ओमप्रकाश साहू,रामबगस साहू, देवशरण कामड़े, अरविंद साहू, एकेश्वर साहू,चन्द्रशेखर साहू, प्रेमचंद साहू, युगेश्वर साहू, लिलेश साहू, बलराम साहू, ओमप्रकाश साहू, खिलेन्द्र साहू, कुलेश्वर देवांगन, सविता साहू, रामेश्वरी साहू,शारदा साहू, खिलेश्वरी साहू, नेतिका साहू, लोमिन साहू मुख्य रूप से उपस्थित थे।