कविता काव्य देश

”इंकलाब जिंदाबाद”कु. माधुरी मारकंडे साहित्यकार‚धमतरी(छ.ग.)

साहित्यकार परिचय
कु. माधुरी मारकंडे
जन्मतिथि – 05.01.1995,बलियारा(धमतरी)
माता-पिता – श्रीमती दिलेश्वरी, श्री नारायणदास मारकंडे
शिक्षा – एम ए राजनीति विज्ञान, डीसीए
प्रकाशन – एक कविता संविधान नियमित लेखन

सम्मान – 2013 निबंध प्रतियोगिता में कलेक्टर द्वारा
सम्प्रति-
संपर्क-  ग्राम बलियारा पोस्ट भोथली जिला-धमतरी (छ.ग.) मो. 9329124373

 

”इंकलाब जिंदाबाद”

 

इंकलाब जिंदाबाद
यह नारा नहीं
उस वीर पुरुष का यह अमर वाक्य है…….।

 

जिन वीरों से रंजीत
यह देश आजाद है…..।

फांसी के फंदे पर झूलने वाले
वीर भगत सिंह का यह पैगाम है

सुखदेव और राजगुरु
हमारे देश की उत्कृष्ट
संस्कृति का पहचान है….।

समाजवाद में आदर्श का
भाव जगाने वाले

 

उस क्रांति वीरों का यह भाव है…।

दो सालों से बंद सलाखों में
यातनाओं को सहने वाले
सच्चे वीर भगत सिंह का
एक ही नारा है……।

इंकलाब जिंदाबाद
इंकलाब जिंदाबाद

अमर शहीदों को नमन🙏🙏

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